प्रायोजित अनुसंधान(अनुक्रिया)

सेमी-कंडक्टर लेबोरेटरी (एससीएल), शिक्षा संस्थानों को माइक्रो-इलेक्ट्रॉंनिक्स, मुख्यत: अंतरिक्ष विज्ञान / प्रौद्योगिकी / अनुप्रयोगों में अनुसंधान एवं विकास के कार्य में भाग लेने एवं उसमें अपना योगदान देने का अवसर प्रदान करती है। शिक्षा संस्थानों / विश्वविद्यालयों द्वारा ऐसे अनुसंधान एवं विकास को बढ़ाने के लिए प्रायोजित अनुमोदित परियोजनाओं के अंतर्गत वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाती है। इसरो के द्वारा प्रायोजित अनुसंधान का यह कार्यक्रम RESPOND के नाम से जाना जाता है। इस कार्यक्रम के द्वारा विशेष मामलों में गैर-शिक्षा संस्थानों एवं आर एण्ड डी प्रयोगशालाओं द्वारा प्रस्तावित परियोजनाओं को भी सहायता प्रदान की जाती है। अधिक विस्तृत जानकारी के लिए RESPOND पर क्लिक करें।

एससीएल में सीमॉस प्रक्रिया प्रौद्योगिकी में नया विकास

एससीएल के 8” वेफर फैब में 180 nm बेस लाइन सीमॉस प्रक्रिया प्रौद्योगिकी उपलब्ध है। सीमॉस प्रक्रिया एक ड्यूअल डाप्ड सिंगल पॉली 6 मेटल लेयर प्रक्रिया है। यह वैकल्पिक एनॉलॉग प्रक्रिया मॉड्यूल जैसे HVt, HRPOLY, MIM संधारित्र माड्यूल को सहायता प्रदान करते हैं। वर्तमान फैब में एसिक्स के विभिन्न प्रकारों के डिजाइन एवं विकास (उच्चर बोल्टेज, रेड-हार्ड डिजाइन, (आरएचबीडी), एंबेड मेमोरी, आर-एफ डिजाइन आदि) प्रक्रिया को बढ़ाने हेतु निम्न अनुसंधान के विषयों / क्षेत्र के विकास का प्रावधान है।

  1. 1.8/5V इनपुट / आउटपुट इंटरफेस परिपथ(I/O)(ईएसडी सुरक्षा के साथ एनॉलॉग एवं डिजिटल पैड परिपथों) का विकास कार्य जो 2000V ईएसडी टॉलरेंस से अधिक क्षमता युक्त हो।

  2. 180nm सीमॉस बेसलाइन प्रक्रिया में आरएफ -एसिक डिजाइन इनेबलमेंट:

    1. एससीएल में 180nm सीमॉस प्रक्रिया में 1.8V मॉस्फेट की अभिलाक्षणिकता एवं आरएफ मॉडल का विकास: मास्‍फेट की एससीएल प्रक्रिया की न्‍यूनतम चैनल की लम्बाई(180nm (सीमॉस प्रौद्योगिकी) की यूनिटी करैंट गेन आवृति Ft ~55 GHz है। टैक्नोलॉजी आधारित वर्तमान डिवाइस मॉडल की वैधता केवल बेसबैंड आवृति तक ही (ट्रांजिस्टसरों की Ft का दसवॉं हिस्सा) है। दोनों n- चैनल एवं p- चैनल मॉस्फैट के लिए SPICE माडॅल पर आधारित एक्यूरेट आवृत्ति का विकास आप्रेशन के यूनिटी गेन आवृत्ति(गीगाहर्टज रेंज) तक किया जाना आवश्यक है। यह मॉडल प्रक्रिया डिजाइन नियमों के अनुसार अलग-अलग आकार के ट्रांजिस्‍टरों के लिए स्‍केलेबल होना चाहिए तथा यह बायस (1.8V), तापमान (-55⁰ से 125⁰C) एवं आवृति (DC से 55 GHz)  की आपरेशन रेंज में मॉडल और मापन में बेहतर शुद्धता(<10% अंतर) प्रदान करें।  इस कार्य हेतु, एससीएल आवश्‍यकतानुसार विशिष्‍ट टेस्‍ट चिप के विनिर्माण में सहयोग करेगा ताकि विनिर्मित टेस्‍ट स्‍ट्रक्‍चरस का उपलब्‍ध परीक्षण यंत्रों द्वारा विभिन्‍न वोल्‍टेज और तापमान पर विद्यु‍तीय परीक्षण किया जा सके। आर एफ- मापन एवं परीक्षण, BSIM3v3 डिवाइस मॉडल पैरामीटर एक्‍स्‍ट्रेक्‍शन, मॉडल पुष्टिकरण, SPICE दस्तावेजीकरण आदि का कार्य कर लिया गया है।

    2. बेसलाइन प्रक्रिया में आर एफ पैसिव, इन्डक्ट‍र्स , कैपेसिटर्स, वैरेक्टैर्स का डिजाइन एवं विकास: कार्य निष्पा‍दन परीक्षण एवं मॉडलिंग के लिए बेसलाइन प्रक्रिया में आरएफ–निष्पादन मैट्रिक्स पर आधारित पैसिव युक्तियों का डिजाइन, सिमुलेशन एवं आप्टि्माइजेशन (इन्ड‍क्टेन्स अथवा कैपेसिटेन्स् वैल्यू, आवृत्ति के साथ इसका उतार-चढ़ाव, क्यू फैक्‍टर, आदि) तथा टेस्ट स्ट्रक्चर डिजाइन एवं संविरचना।

  3. SPICE मॉडलस विकास एवं गुणवत्ता: एससीएल SOI-CMOS तकनीक एवं LDMOS डिवाइस के लिए विकास प्रक्रिया का कार्य कर रहा है। इसके लिए आंशिक रूप से डिप्लिटड MOSFETs और LDMOS युक्तियों के MOSFET SPICE मॉडलस का विकास आवश्‍यक है। वि‍कसित मॉडलस को प्रक्रिया में स्‍वीकृत विभिन्‍न ट्रांजिस्‍ट आकारों, बायस तापमान और RF आवृति की आपरेशन रेंज में 10% से बेहतर परिशुद्धता के साथ स्‍केल किया जा सकना चाहिए।

  4. इम्बेडेड NVM का डिजाइन और विकास: सिंगल-टाईम प्रोग्रामेबल अथवा एमटीपी मेमोरीस अथवा फ्लेश EEPROM: बेसिक सेल आ‍र्किटेक्चर की प्रक्रिया डिजाइन, सिमुलेशन अध्ययन और ऑप्टिमाईजेशन के मूल्यांकन एवं गुणता हेतु।

  5. उच्च कार्य निष्पा़दन BJT अथवा SiGe-HBT प्रकिया एकीकरण: इपिटेक्सियल लेयर्स का प्रोसेस फ्लो डिजाइन, विकास एवं परीक्षण, विभिन्न डिजाइनों एवं प्रक्रिया आ‍र्किटेक्चर के टैस्ट ढांचे की टैस्ट चिप, डिवाइस DC और RF-परीक्षण, उच्च स्पी्ड / आरएफ अनुप्रयोगों के लिए डिवाइस मॉडल का विकास।

विस्तृत

एससीएल ने अंतरिक्ष अनुप्रयोगों हेतु CCD आधारित विजिबल इमेजिंग युक्तियों का विकास किया है।  अंतरिक्ष एवं विज्ञान क्षेत्रों के अनुसंधान अनुप्रयोगों की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने हेतु वर्तमान क्षमताओं में वृद्धि करने के लिए नए विकास कार्य शुरू किए जा रहे हैं।  इसमें मौजूदा इमेजरस की स्‍पैक्‍टरल रेंज को बढ़ाने के साथ, नई विशेषताओं का समावेश करना शामिल है।  इमेजिंग अनुप्रयोगों के लिए लार्ज एरिया फोटोडॉयोड संसूचकों जैसी नई युक्तियों का विकास किया जा रहा है।  निम्‍नलिखित नए विकास कार्य शुरू किए गए हैं:

एससीएल में विकसित विभिन्न CCD आर्किटेक्‍चर में फोटोडॉयोड आधारित लीनियर इमेजर एवं फोटोगेट आधारित एरिया इमेजर डिवाइस शामिल हैं। एरिया इमेजर में कम वेवलेंथ तरंग-दैर्ध्‍य (लगभग<500 nm) पर क्वांटम क्षमता (QE) कम होती है क्योंकि पोलिसिलिकॉन गेट मटीरियल में फोटॉन अवशोषण होता है। डिवाइस आर्किटेक्‍चर , ऐंटिरिफ्लेक्शन कोटिंग अथवा अन्य विशेष पदार्थ के माध्यम से QE को बढ़ाया जा सकता है।

  1. QE के वृद्धिकरण के लिए डिवाइस आर्किटैक्चर: QE में वृद्धि, विशेषकर CCD डिवाइसेस में कम वेवलेंथ बैंडस में, CCD आर्किटैक्चर जैसे पॉली होल एवं ओपन पीन्‍नड (Pinned)  फेस के द्वारा किया जाता है।

  2. QE के सुधार हेतु ऐंटी रिफ्लेक्शन कोटिंग (ARC): सीसीडी अथवा सीमॉस इमेज संवेदकों के QE के सुधार के लिए थिन फिल्‍म डिजाइन  एक अन्‍य क्षेत्र है। ये सिलिकॉन ऑक्साइड, नाइट्राइड एव ऑक्सी -नाइट्राइड के साथ-साथ मेटल ऑक्साइड की एकल अथवा मल्टी लेयर कोटिंग हो सकती है।

  3. सीसीडी युक्तियों में पारदर्शी गेटस का प्रयोग : सीसीडी युक्तियों में कम तरंग- दैर्ध्‍य पर क्वांटम क्षमता में सुधार के लिए एक तरीका सीसीडी गेट मैटेरीयल को किसी पारदर्शी (QE)  चालक जैसे कि इंडियम टिन ऑक्साइड (आईटीओ) से विस्‍थापित करना है। आवश्यकता को देखते हुए, दूसरा अथवा दोनों पोलीसिलिकॉन गेट स्तरों को विस्थापित जा सकता है।

  4. बैक-इलुमिने‍टिड सीसीडी और सीमॉस इमेज संवेदक : किसी भी इमेजिंग डिवाइस में क्वांटम क्षमता के सुधार के लिए डिवाइस की दूसरी साइड को इलुमिने‍ट किया जाना ही सर्वश्रेष्ठ हल है। यह उपाय दृश्‍य स्‍पैक्‍ट्रम के कम तरंग- दैर्ध्‍य वाले हिस्‍से की ओर अधिक कारगर / लाभदायी है। इसके परिणाम स्‍वरूप डिवाइस की प्रारम्‍भिक UV क्षेत्र तक बढ़ जाती है और मिड बैंड क्षेत्र में कार्य निष्पादन क्षमता बढ़ जाती है। इसके लिए आवश्‍यकतानुसार विभिन्‍न स्‍तरों पर  वेफर थिनिंग करनी पड़ती है तथा वेफर थिनिंग के बाद अच्‍छे फोटो- रिस्‍पांस समरूपता एवं कम डार्क – सिग्‍नल ऑपरेशन हेतु वेफर की बैकसाइड पैसीवेशन तकनीक का विकास किया जाना जरूरी है।

उपरोक्त नई प्रोद्योगिकी विकास के अतिरिक्त, एससीएल सीमॉस इमेज संवेदकों और विभिन्न् इमेजिंग अनुप्रयोगों के लिए बड़े क्षेत्र में फोटोडॉयोड संवेदकों का विकास कार्य भी कर रहा है।